आयुर्वेद में अब आहार और पोषण पर भी पाठ्यक्रम शुरू

 नई दिल्ली

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) में अब दो नये पाठ्यक्रम शुरू किए जाएगें। संस्थान ने शैक्षणिक वर्ष 2022-23 में दो नए पाठ्यक्रम जोड़े हैं यह दो नए पाठ्यक्रम आयुर्वेद डायटीशियन और आयुर्वेद आहार एवं पोषण सहायक कोर्स है। यह पाठ्यक्रम स्वास्थ्रित्ता डिपार्टमेंट से शुरू किए गए हैं, जिनका उद्देश्य आयुर्वेद के अंत:विषय अध्ययन को बढ़ावा देना है। दोनों पाठ्यक्रमों को हेल्थकेयर सेक्टर स्किल काउंसिल (एचएसएससी) तथा नेशनल स्किल डेवलपमेंट कारपोरेशन (एनएसडीसी) से मान्यता प्राप्त हैं। मालूम हो कि अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त संसथान है।
आयुर्वेद डायटीशियन पाठ्यक्रम बीएएमएस डिग्री प्रोफेशनल्स के लिए एक विशेषज्ञता कार्यक्रम है और इसका उद्देश्य आयुर्वेदिक अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों में विशेष चिकित्सकों की बढ़ती मांग को पूरा करना है। दूसरी ओर, आयुर्वेद आहार सहायक के रूप में करियर की तलाश करने वाले हाई स्कूल पासआउट के लिए आयुर्वेद आहार एवं पोषण सहायक पाठ्यक्रम अच्छा अवसर हो सकता है। ऐसे पेशेवरों की हेल्थ रिसॉट्र्स, वेलनेस सेंटर्स और अस्पतालों में काफी मांग हैं। आयुर्वेद एक व्यापक रूप से स्वीकृत पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली है, जो आहार पर बहुत जोर देती है, जिसे जीवन के निर्वाह के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारक माना जाता है। आयुर्वेद आहार, या पथ्य आहार, आयुर्वेद उपचार का एक अभिन्न अंग है जिसने हाल में वैश्विक लोकप्रियता हासिल की है।


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