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Showing posts from August, 2023

आयुर्वेद में अब आहार और पोषण पर भी पाठ्यक्रम शुरू

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  नई दिल्ली अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) में अब दो नये पाठ्यक्रम शुरू किए जाएगें। संस्थान ने शैक्षणिक वर्ष 2022-23 में दो नए पाठ्यक्रम जोड़े हैं यह दो नए पाठ्यक्रम आयुर्वेद डायटीशियन और आयुर्वेद आहार एवं पोषण सहायक कोर्स है। यह पाठ्यक्रम स्वास्थ्रित्ता डिपार्टमेंट से शुरू किए गए हैं, जिनका उद्देश्य आयुर्वेद के अंत:विषय अध्ययन को बढ़ावा देना है। दोनों पाठ्यक्रमों को हेल्थकेयर सेक्टर स्किल काउंसिल (एचएसएससी) तथा नेशनल स्किल डेवलपमेंट कारपोरेशन (एनएसडीसी) से मान्यता प्राप्त हैं। मालूम हो कि अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त संसथान है। आयुर्वेद डायटीशियन पाठ्यक्रम बीएएमएस डिग्री प्रोफेशनल्स के लिए एक विशेषज्ञता कार्यक्रम है और इसका उद्देश्य आयुर्वेदिक अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों में विशेष चिकित्सकों की बढ़ती मांग को पूरा करना है। दूसरी ओर, आयुर्वेद आहार सहायक के रूप में करियर की तलाश करने वाले हाई स्कूल पासआउट के लिए आयुर्वेद आहार एवं पोषण सहायक पाठ्यक्रम अच्छा अवसर हो सकता है। ऐसे पेशेवरों की हेल्थ रिसॉट्र्स, वेलनेस सेंटर्स और अस्पताल...

क्या आप भी डॉक्टर की सलाह बिना लगाती हैं सनस्क्रीन

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  राममनोहर लोहिया अस्पताल के त्वचा रोग विभाग के डॉ. कबीर सरदाना ने बताया एक समय था जबकि देश में सनस्क्रीन बनाने वाली केवल एक फार्मास्यिुटिकल कंपनी (Pharmaceutical company )थी और एक त्वचा रोग विशेषज्ञ के तौर पर हम 25 साल से अधिक उम्र की महिलाओं मेंकेवल मुंहासों की समस्या ही देखते थे। वर्ष 1990 के बाद सनस्क्रीन बनाने वाली कंपनियों में गजब का उछाल आया और महिलाएं सनस्क्रीन और ब्यूटी उत्पादों को ओवर द काउंटर (Over the Counter) या चिकित्सक की बिना सलाह पर खरीदने लगीं। मेरे पास 25 साल से अधिक उम्र की यदि कोई महिला बिना किसी हार्मेनल परेशानी के मुहांसों की शिकायत लेकर आती है तो उससे मेरा सबसे पहला प्रश्न यही होता है कि क्या आप सनस्क्रीन या मॉश्चराइजर का प्रयोग करती हैं? इनमें अधिकांश महिलाओं का जवाब हां में होता है। डॉ. कबीर कहते हैं कि आश्चर्यजनक बात यह है कि जिन महिलाओं की त्वचा तैलीय होती है वह भी सनस्क्रीन का प्रयोग करती हैं तैलीय त्वचा में प्राकृतिक रूप से सक्रिय कैमिकल तत्व लिपोफिलिक होता है जो त्वचा को अधिक तैलीय बना देता है। अधिकांश महिला चिकित्सक की बिना सलाह पर सनस्क्रीन का प्रयो...

दिल को दुरूस्त रखते हैं डेयरी प्रोडक्ट

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  नई दिल्ली विश्व के कई देशों में इस समय वेगन डायट (जिसमें किसी भी तरह से स्तनधारी पशुओं का दूध शामिल न हों) का प्रयोग बढ़ने की मुहिम चल रही हो, लेकिन दिल को दुरूस्त रखना है तो दूध और दूध से बनी चीजों को अपनी डायट में जरूर शामिल करें। डेयरी प्रोडक्ट आपके दिल को प्राकृतिक रूप में सुरक्षित रखने में कारगर साबित हो सकती हैं। दूध और इसके अन्य उत्पाद को नियमित डायट में शामिल कर भविष्य में होने वाले दिल के दौरे को खतरे को टाला जा सकता है। इसमें सबसे अहम पनीर, दही, छाज और मक्खन जरूरी बताया गया है। इस संदर्भ में हाल ही में लांसेट की एक रिपोर्ट जारी की गई। डॉ. माशिद देहगन मैकमास्टर यूनिवर्सिटी कनाडा ने दूध और दिल की सेहत का पता लगाने के लिए 21 देशों के एक लाख तीस हजार लोगों पर अध्ययन किया। पाया गया कि दिन भर मे दिन पर किसी भी रूप में तीन बार डेयरी प्रॉडक्ट खाने में लेने से दिल को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। अध्ययन लांसेट के ताजा अंक में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन के अहम बिंदु 244 ग्राम दूध, 244 ग्राम दही, 15 ग्राम पनीर और पांच ग्राम मक्खन एक दिन में जरूरी है लेना 21 देशों के 34 से 70 सा...

आयुर्वेद के माध्यम से हाइपोथाइराइड का उपचार संभव

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  नई दिल्ली, तनाव और आहार-विहार हाइपोथाइराइड का प्रमुख कारण है, आयुर्वेद के माध्यम से इसका उपचार संभव है और इसे पूरी तरह से ठीक भी किया जा सकता है। दिल्ली के वैद्य सम्भाषा और सम्मान कार्यक्रम के अंतर्गत चल रहे ‘वैद्य संपर्क अभियान’ के दौरान हुई आयुर्वेद चिकित्सकों की बैठक में यह तथ्य उभर कर सामने आया।  उल्लेखनीय है कि देश के आयुर्वेद चिकित्सकों के मंच ‘निरोगस्ट्रीट’ द्वारा यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है और अबतक गाजियाबाद, नोएडा, हाथरस, आगरा व दिल्ली में सफलतापूर्वक इसका आयोजन हो चुका है। वैद्य संपर्क अभियान को भारत सरकार के आयुष मंत्रालय का भी समर्थन प्राप्त है जिसका उद्घाटन आयुष मंत्रालय के सचिव पद्मश्री वैद्य राजेश कोटेचा ने किया था। हाइपोथाइराइड  के आयुर्वेदिक समाधान पर हुई परिचर्चा में सभी आयुर्वेद चिकित्सक इस बात पर सहमत दिखे कि हेतु (कारण) का निवारण प्रथम चरण है। आहार को दिनचर्या का पालन करते हुए लेना और विहार का पालन करना रोग का समूल निवारण करता है। उसके बाद लेप, औषधि, आसान, प्राणायाम, पंचकर्म का उपयोग इसके समाधान में उपयोगी सिद्ध होता है। वैद्य अर्पिता ने नैदानिक पर...

भारतीय वन अधिकारियों ने आयुर्वेद की चिकित्सा पद्धति को जाना

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 अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट एकेडमी के तत्वाधान में विभिन्न बैच के लगभग 50 भारतीय वन सेवा के अधिकारियों ने दौरा किया। यह दौरा उनके करियर प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा था।  इस अवसर पर आयुष मंत्रालय के विशेष  सचिव प्रमोद कुमार पाठक ने अपने सम्बोधन में कहा आयुर्वेद का उपचारात्मक मूल्य है और सरल जीवन शैली प्रबंधन के साथ सभी के लिए उपयोगी है। आयुष मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ मिलकर लोगो के समग्र स्वास्थ्य के लिए काम कर रहा है। संभव है जल्द ही सभी नए एम्स में इंटीग्रेटेड हेल्थ सिस्टम यानी एकीकृत समग्र स्वास्थ्य की ओपीडी देखने को मिलेगी, इसके साथ ही इसके व्यवसायक पहलू पर बल देते हुए कहा कि साल 2014-15 में जहां आयुर्वेदिक औषधियों का वैश्विक बाजार मात्र तीन अरब डालर  का था जो मात्र कुछ वर्षों में यानी साल 2021 में यह 18 अरब डालर का हो गया है। उन्होंने उम्मीद जताई जिस तरह से आयुर्वेद का बाजार बढ़ रहा है हम जल्द ही 25 अरब डालर के लक्ष्य को पूरा कर लेंगे। संस्थान की निदेशक प्रो (डा) तनूजा नेसरी ने वन अधिकारियो को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा...

पार्किंसंस रोग को नियंत्रित करने के लिए दिमाग में पेसमेकर डाला

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सावित्री देवी, 51 वर्षीय महिला मरीज, न्यूरोसर्जरी विभाग, सर गंगा राम हॉस्पिटल में लगभग एक महीने पहले आई थी। वह पिछले 9 सालों से पार्किंसन्स रोग  से पीड़ित थीं। इसकी शुरुआत कंपकंपी और ब्रैडकिनेसिया (चलने-फिरने में कठिनाई) से हुई और बाद में उसमें कठोरता आ गई। दवाओं के साथ उसका इलाज किया जा रहा था लेकिन उसके लक्षण बिगड़ते रहे और वह जो दवाएं ले रही थी उससे साइड इफेक्ट्स विकसित होने लगे। बिना दवाओं के वह न तो ठीक से चल पाती थी, न करवट लेती थी और न ही बिस्तर से उठ पाती थी। दवाओं से वह अपने हाथों और पैरों को नियंत्रित नहीं कर पाती थी और वे उसके नियंत्रण के बिना चलते थे। वह आखिरकार हमारे पास आई जहां उसका गहन मूल्यांकन किया गया और उसे डीप ब्रेन स्टिमुलेशन का विकल्प दिया। डॉ. श्रेय जैन एसोसिएट कंसल्टेंट न्यूरोसर्जरी डिपार्टमेंट सर गंगा राम हॉस्पिटल के अनुसार डीप ब्रेन स्टिमुलेशन एक नई सर्जरी है, जिसमें मस्तिष्क के विशेष क्षेत्रों को उत्तेजित करते हैं। यह दिमाग में पेसमेकर की तरह ही काम करता है। इस मामले में, हमने मस्तिष्क के सबथैलेमिक न्यूक्लियस  को उत्तेजित करने की योजना बनाई। सर्जरी का ...

एचएमडी फाउंडेशन ने अमृता अस्पताल को आईलैब्स यूनिट दान की

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- एचएमडी फाउंडेशन  हिंदुस्तान सीरिंज एंड मेडिकल डिवाइसेस लिमिटेड की सीएसआर विंग ने अमृता अस्पताल फ़रीदाबाद को आईलैब्स (मोबाइल परीक्षण प्रयोगशाला) दान की है। जिससे फरीदाबाद और आसपास के क्षेत्र में लोगों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा देखभाल प्रदान की जा सके।  एचएमडी फाउंडेशन और अमृता अस्पताल ने जरूरतमंद लोगों को मुफ्त या उचित कीमत पर स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं प्रदान करने के लिए 'ग्रामीण और सामाजिक आउटरीच स्वास्थ्य कार्यक्रम परियोजना के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल का उद्देश्य लोगों को सामान्य स्वास्थ्य जांच, नियमित ओपीडी परीक्षण और ब्लड सैंपल कलेक्शन की सुविधा प्रदान करके समाज में मौजूदा स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान करना है। विशेष रूप से दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में बुजुर्गें के लिए बेहतर तरीके की निदान सेवा को उपलब्ध कराना है। विशाखापत्तनम में आंध्र मेड टेक ज़ोन (एएमटीजेड) द्वारा निर्मित आईलैब्स यूनिट एक डॉक्टर और लैब तकनीशियन से सम्बद्ध चिकित्सीय सुविधा है। आईलैब्स अत्याधुनिक सुविधाओं और भारत में निर्मित उपकरणों और कंप्यूटरों से सुसज्जित है, जो अस्पताल के क्लाउड ...

Marengo Asia Hospitals saves the hand of a five-year-old by re-joining his severed thumb through plastic surgery

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  New Delhi, Faridabad: A successful surgical procedure, lasting approximately 5 hours, was performed by Dr. Kaveshwar Ghura, the Head of the Plastic and Reconstructive Surgery Department at Marengo Asia Hospitals, Faridabad. On a 5-year-old child from Palwal who had suffered an amputation of the thumb due to an accident involving a fodder-cutting machine. Dr. Ghura mentioned that the situation was challenging due to the intricacy of joining the severed thumb, especially in a young child. Dr. Ghura emphasized the importance of seeking immediate medical attention in cases of such accidents involving children, advising that the severed body part should be rinsed with clean water and placed in a clean polythene bag immersed in ice to preserve it while reaching a hospital as soon as possible. The hospital's Plastic and Reconstructive Surgery Department specializes in providing top-tier surgical solutions for both reconstructive and cosmetic needs. By collaborating with specialists...

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